गुरु रविदास के गुरु कबीरसाहेब थे? कितना है सच जानिए

नमस्ते दोस्तों आजकल यह सवाल बहुत चर्चे मी है की #रविदासकेगुरु_कबीरसाहेब है परन्तु क्या आपको पता है इसमें कितना सच है और कितना झूठ, तो जानिए विस्तार से।

भारत देश में अनेक महान पुरष हो चुके है जो लोगों को एक अच्छा संदेश देते थे, सेवा करते थे, जैसे कबीरदास, मीराबाई, जीजाबाई और उनमेसे ही गुरु रविदास एक थे।

गुरु रविदास कोन थे | गुरु रविदास की जीवनी

कोन थे गुरु रविदास यह सवाल आपको भी जरूर पड़ा होगा तो सतगुरु रविदास एक महापुरुषों मेसे एक थे जिन्हें लोग सतगुरु और जगतगुरु के नाम से पुकारते है।

रविदासजी ने पूरे संसार को एकता और भाईचारे का संदेश दिया और वो बहुत ज्ञानी भी थे जिसके कारण उस समय के राजा और रनिया उनके शरण में आकर भक्ति करते थे।

उनके माता का नाम कलसा देवी और पिता का नाम संतोख दास था।

गुरु रविदास जी का जन्म 1388 में काशी में हुआ था जिसे आज बनारस के नाम से भी जाना जाता है। उनका जन्म चमार जाति में हुआ था। उनके जन्म साल को लेकर कुछ विवाद है जैसे कुछ लोग 1398 में हुआ थे ऐसे कहते है।

वो चमार समाज के थे और उस समय उस समाज को लेकर बहुत ही बुराइयां थी जिनकी रविदास अपने दोहों के माध्यमसे ठीक करने की और संदेश देने की कोशिश करते थे।

वो इतने दयालु थे कि कभी कभी वो अपने हाथ से सिलाए हुए जूते और चप्पल मुफ्त में दे देते थे और इसके कारण उनके माता पिता ने उनको उनकी पत्नी के साथ घर से अलग के दिया था। वहीं रविदास जी एक छोटी कुटी बनाकर रहते थे जिसमे वो ध्यान लगते थे और भक्ति करते थे।

रविदास के गुरु कबीर साहेब थे

आपको बता दूं कि गुरु रविदास जी के गुरु कबीर साहेब नहीं थे।

तो उनके गुरु कोन थे यह आपको सवाल आया होगा तो रविदास और कबीरदास दोनों गुरुभाई थे और उन दोनों के गुरु गुरु रामानंद थे।

रविदास किसके गुरु थे

संत रविदास जी कवि मीराबाई के गुरु थे जो राजस्थान से थी। संत रविदास जी ने कवि मीराबाई की कहीं बार जान बचाई है।

बल्कि कवि मीराबाई ने उनके एक पंक्ति से बताया है कि उनकी रविदास जैसे महान गुरु मिले, जिन्होंने मुझे बहुत ही ज्ञान दिया।

रविदास को कितने नामों से जाना जाता है

रविदास जी संत एक पर नाम अनेक ऐसे है। उनको पंजाब में रविदास के नाम से जाना जाता है। राजस्थान, मध्य और उत्तरप्रदेश में उनको रैदास के नाम जे जाना जाता है। बंगाल में उनको रुइदास के नाम जानते है। महाराष्ट्र और गुजरात में रविदास जी को रोहिदास के नाम चे जाना जाता है।

संत रविदास के दोहों में क्या होता था

संत रविदास जी के दोहे में एक सकारात्मक संदेश होता था जो समाज को एक अच्छा संदेश देने के काम करते थे। यह दोहे सभी जाति धर्म के लोगो के लिए है क्यूंकि इसमें बहुत ही ज्ञान और एक सुंदर संदेश प्राप्त होता है जी मानवी जीवन को सफल और अच्छा बनाता है। रविदास के दोहे सभी भाईचारे और एकता का संदेश देते है क्यूंकि उनका मानना है कि लोगो ने मिलजुल कर रहना चाहिए।

तो आपको यह लेख कैसा लगा मुझे नीचे कमेंट करके जरूर बताएं और अगर इसमें कोई चीजे छूट गई हो तो वो भी बताए। आशा करता हूं कि आपके मन अनुसार आपके प्रश्न का उत्तर आपको मिल गया होगा।

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